पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्र साथियों संग हाउस अरेस्ट, लोकतंत्र के हनन का लगाया आरोप
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प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ कांग्रेस का फूटा गुस्सा:
परसपुर / गोंडा: राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और प्रदर्शन कर रहे प्रमुख नेताओं व सांसदों की गिरफ्तारी के विरोध में आज, 8 अक्टूबर 2026 को जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा गांधी पार्क से कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकालकर ‘काला दिवस’ मनाने का कार्यक्रम तय किया गया था।
लेकिन कार्यक्रम से ठीक पहले प्रशासन द्वारा तानाशाही रवैया अपनाते हुए परसपुर पुलिस के जरिए कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्र को उनके साथियों सहित उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया गया। पुलिस बल तैनात कर उन्हें विरोध मार्च में शामिल होने से रोक दिया गया।
“अंग्रेजों की नीति पर चल रही वर्तमान सरकार”
प्रशासनिक कार्रवाई और हाउस अरेस्ट किए जाने पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्र ने सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा:
“वर्तमान शासन प्रणाली पूरी तरह अंग्रेजों की नीति पर चल रही है। देश में लोकतंत्र का चीरहरण किया जा रहा है और वोट चोरी के बल पर सरकार बनाई जा रही है। जब विपक्ष जनता की आवाज उठाकर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करना चाहता है, तो उसे तानाशाही से रोका जा रहा है।”
प्रमोद मिश्र ने चेतावनी देते हुए आगे कहा कि इतिहास गवाह है कि तानाशाही का अंत हमेशा निश्चित होता है।
“सत्ता के नशे में चूर लोगों को याद रखना चाहिए कि रावण और कंस का अहंकार भी नहीं टिका था। अंग्रेजों का हुकूमत, जिसके साम्राज्य में कभी सूरज नहीं डूबता था, उसका भी अंत हुआ। आज जो लोग अंग्रेजों की फूट डालो और आवाज दबाओ की नीति पर चल रहे हैं, जनता जल्द ही उनकी इस तानाशाही का जवाब देगी।”
हाउस अरेस्ट के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया है कि विपक्ष की आवाज को दबाने की चाहे जितनी कोशिश कर ली जाए, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
