ब्रेकिंग न्यूज परीक्षा केंद्र पर भारी बवाल, विश्वविद्यालय ने तत्काल प्रभाव से सेंटर किया निरस्त
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जग नारायण शुक्ल महाविद्यालय 3 साल के लिए हो सकता है डिबार, विपिन बिहारी कॉलेज बना नया केंद्र
तरबगंज, गोंडा। गोंडा जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र स्थित पंडित जग नारायण शुक्ल ग्रामोद्योग महाविद्यालय, रानीपुर पहाड़ी में आज बीएससी की परीक्षा के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब छात्रों ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और परीक्षा केंद्र पर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि आज सुबह 8:30 बजे से बीएससी जूलॉजी की परीक्षा निर्धारित थी। आरोप है कि विद्यालय प्रशासन ने उन्हें 45 मिनट की देरी से, यानी 9:15 बजे प्रश्न पत्र और कॉपियां बांटीं। हद तो तब हो गई जब परीक्षा समाप्त होने के निर्धारित समय 10:30 बजे से करीब 15 मिनट पहले ही (10:15 बजे) शिक्षकों ने जबरन कॉपियां छीन लीं। छात्रों का कहना है कि उन्हें लिखने का पूरा समय भी नहीं दिया गया। बाहरी केंद्रों से आए छात्रों ने विद्यालय प्रबंधन पर ‘अपनों’ को फायदा पहुंचाने के संगीन आरोप लगाए हैं छात्रों का दावा है कि विद्यालय अपने खुद के छात्रों को अलग कमरों में बैठाकर नकल कराता है, जबकि बाहरी सेंटर वाले छात्रों को अलग रखा जाता है। आरोप है कि कुछ खास छात्रों को परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल फोन और गाइड ले जाने की छूट दी गई।छात्रों ने कहा कि नियमों के विपरीत, एक ही विद्यालय के बच्चों को मिक्स करके बैठाने के बजाय अलग-अलग ग्रुप बनाकर भेदभाव किया जा रहा है। मौके पर पहुंचे पुलिस बल और छात्रों के बीच मचे हंगामे के दौरान प्रिंसिपल राजीव शुक्ला का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में वह छात्रों को शांत कराते हुए कह रहे हैं, “आज तो हम कुछ नहीं करवा पाएंगे, लेकिन अगला पेपर आप लोगों का ठीक होगा।” इस बयान को लेकर चर्चा है कि क्या प्रिंसिपल अगले पेपर में ‘विशेष मदद’ का प्रलोभन दे रहे हैं?
मामले की गंभीरता को देखते हुए मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, प्रिंसिपल राजीव शुक्ला ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। फिलहाल, आक्रोशित छात्रों ने मांग की है कि उनका परीक्षा केंद्र किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए ताकि निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित हो सके। पंडित जग नारायण शुक्ल ग्रामोद्योग महाविद्यालय में बीएससी की परीक्षा के दौरान हुए हंगामे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। छात्रों के आरोपों और मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए पंडित जग नारायण शुक्ल ग्रामोद्योग महाविद्यालय (केंद्र कोड: 4068) को परीक्षा केंद्र की सूची से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार 27 जनवरी 2026 को हुई घटना में उत्तर-पुस्तिकाएं देर से बांटने, समय से पहले छीनने और नकल के आरोपों को घोर निंदनीय माना गया है.इस केंद्र को भविष्य में 03 वर्षों के लिए डिबार (प्रतिबंधित) करने पर विचार किया जा रहा है. महाविद्यालय प्रशासन को 28 जनवरी 2026 की दोपहर 1 बजे तक ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ अपना स्पष्टीकरण देने का अंतिम अवसर दिया गया है छात्रों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्र में बदलाव कर दिया है:
अब इस महाविद्यालय के सभी परीक्षार्थियों का केंद्र विपिन बिहारी शरण सिंह महाविद्यालय, तरबगंज (केंद्र कोड: 4097) कर दिया गया है यह व्यवस्था 28 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी
इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक 03 सदस्यीय समिति गठित की गई है जिसमे अध्यक्ष: श्री बी. पी. सिंह (डीन कॉमर्स, माँ पाटेश्वरी वि.वि. एवं प्रोफेसर, एल.बी.एस. डिग्री कॉलेज, गोंडा). सदस्य प्रो. मंशा राम वर्मा (प्रोफेसर, एल.बी.एस. डिग्री कॉलेज, गोंडा).संयोजक: श्री परमानन्द सिंह (कुलसचिव). यह समिति 05 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. जांच में सहायक कुलसचिव (श्री वीरेंद्र कुमार वर्मा) की भूमिका की भी जांच की जाएगी ।
दूसरी ओर, पंडित जग नारायण शुक्ल ग्रामोद्योग महाविद्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सभी आरोपों को “निराधार और भ्रामक” बताया है। महाविद्यालय का दावा है कि कुछ छात्र परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचे और जबरन एक घंटे का अतिरिक्त समय मांगते हुए हंगामा और तोड़फोड़ शुरू कर दी । छात्रों पर ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ के दरवाजे तोड़ने के प्रयास और महिला शिक्षिकाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप भी लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड है और अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है.
