नमस्कार,युगनव टाइम्स लाइव में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 9956313999,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद
October 3, 2026

Yugnav Times live

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,Yugnav Times

जलस ए दस्तारबंदी का भव्य आयोजन, 140 तालिब इल्मों के सर बंधी पगड़ी

1 min read

[responsivevoice_button voice=”Hindi Female”]


 9,640 views

 

अशफाक आलम

गौरा चौकी गोंडा- गौरा चौकी के मदरसा इहयाउलूम उलूम में दो दिवसीय जलसा ए दस्तारबंदी का भव्य आयोजन किया गया है जिसमें देश के कई नामवर ओलेमाओं खासकर दारुल उलूम देवबंद के नामवर हस्तियां ने शिरकत कर अपनी अपनी तकरीर के जरिए मुसलमानो की जिंदगी को बेहतर बनाने, कुरान सुन्नत की रोशनी में अपनी जिंदगी को बसर करने पर जोर दिया l

जुम्मेरात से दो दिवसीय अजीमुश्शान जलसा ए दस्तारबंदी का भव्य आयोजन मदरसा इहयाउलूम गौरा चौकी में किया गया है l इस भव्य कार्यक्रम में मदरसे के 140 तालिब इल्मों के कुरान हिबज करने के बाद उनके सर पर पगड़ी बांधी गई और उन्हें सनद देकर बैग से नवाजा गया l

इस जलसा ए दस्तारबंदी को संबोधित करते हुए मौलाना मुफ्ती मोहम्मद हुसैन ने कहा कि चार आसमानी किताबों जबूर, तौरात, इंजील और कुरान मजीद में सिर्फ कुरान मजीद आसमानी किताब अपने असल सूरत में मौजूद रह गई है । उन्होंने कहा कि कुरान मजीद वह वाहिद किताब है जिसको अल्लाह ने कयामत तक महफूज रखने का जिम्मा अपने ऊपर ले लिया है । जब तक कुरान और एक भी ईमान वाला मुसलमान जिंदा रहेगा कयामत नहीं आएगी । उन्होंने सभी मुसलमान से कुरान से मोहब्बत और उसकी तिलावत की अपील की । बाद में सभी ओलमाओ ने अपनी अपनी तकरीर में लोगों को कुरान और हदीस की रोशनी में अपना जीवन गुजारने की सलाह दी । यह जलसा ए दस्तारबंदी मदरसा इहयाउल उलूम के मोहतमिम मौलाना मोहम्मद यूनुस खान साहब कासमी की सरपरस्ती में आयोजित किया गया ।

इस मौके पर मेहमानी खुसूसी दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी, मोहतमिम दारुल उलूम देवबंद मौलाना मोहम्मद सुफियान साहब, मौलाना कमरुज्जमा, मोहम्मद राशिद, मोहम्मद याहिया, अनवर सादात, फजलुर रहमान, मुजीबुल्लाह, आफताब आलम, मसीहुद्दीन, अनीस अहमद आजाद, अतिकुर रहमान, अफजल हुसैन, तथा मौलाना मुजीबुल्लाह, सहित कई उलेमा मौजूद रहे।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »
error: Content is protected !!