नमस्कार,युगनव टाइम्स लाइव में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 9956313999,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद
October 3, 2026

Yugnav Times live

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,Yugnav Times

वैवाहिक विवादों से न हो परेशान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से करायें सरल समाधान

1 min read

[responsivevoice_button voice=”Hindi Female”]


 1,191 views

 

 गोण्डा ( युगवनव टाइम्स लाइव ) उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुक्रम में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश श्री ब्रजेन्द्र मणि त्रिपाठी के आदेश के आलोक में श्री नितिन श्रीवास्तव, अपर जिला जज/एफटीसी-द्वितीय/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि वैवाहिक विवाद से सम्बन्धित प्रीलिटिगेशन प्रार्थना पत्रों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा द्वारा उसका समाधान आगामी लोक अदालत में कराएगा ।

11फरवरी, 2023 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा ।

           सचिव द्वारा बताया गया कि 11 फरवरी 2023 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा जिसमें पति एवं पत्नी के मध्य विभिन्न कारणों से उत्पन्न हुए विवादों के सम्बन्ध में प्रीलिटिगेशन प्रार्थना पत्र पति अथवा पत्नी अथवा उनके नजदीकी रिश्तेदारों द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में स्वयं अथवा किसी व्यक्ति के माध्यम से दिया जा सकता है। प्रीलिटिगेशन प्रार्थना पत्र में प्रार्थी/प्रार्थिनी का नाम व पता, फोन नम्बर, फोटो एवं पहचान पत्र के साथ दिया जा सकता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा विपक्षी को नोटिस भेजकर उसे बुलाया जायेगा और लोक अदालत के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा पक्षकारों को समझा बुझाकर कर समझौता कराया जायेगा। पक्षकारों द्वारा आपसी सहमति से किये गये समझौते के सम्बन्ध में लोक अदालत अपना निर्णय पारित करेगा और उक्त निर्णय पक्षों के मध्य सिविल न्यायालय की डिक्री के समान बाध्यकारी होगा। 

            लोक अदालत के द्वारा पारित निर्णय किसी अन्य न्यायालय में चुनौती नही दी जा सकती है और उक्त निर्णय अन्तिम माना जायेगा। पक्षकारों के द्वारा आपसी सहमति से किया गया समझौता वैवाहिक विवादों का समाधान करेगा और न्यायालयों में मुकदमों की संख्या में कमी होगी।

   भारत का हर परिवार, हो सुखी और खुशहाल।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »
error: Content is protected !!