धन्य ऋषिवर तेरा जवाब नही – संदीप आर्य
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नवाबगंज गोंडा युगनव टाइम्स लाइव आर्य समाज का 97 वा वार्षिकोत्सव कार्यक्रम आर्य समाज मंदिर नवाबगंज व डी ए वी इंटर कॉलेज में दिनांक 1 से 4 नवंबर तक चल रहा है जिसमें आज तृतीय दिवस मैं प्रातः कालीन आर्य समाज मंदिर में वैदिक हवन का कार्यक्रम संपन्न हुआ इसके उपरांत दोपहर डीएवी इंटर कॉलेज में 12:30 बजे से 3:30 बजे तक भजनोंपदेशिका कासगंज उत्तर प्रदेश से आई बहन किरण शास्त्री ने महर्षि दयानंद का संघर्ष में जीवन त्याग एवं राष्ट्र हेतु कार्य पर अपने व्याख्यान को प्रस्तुत किया इसके उपरांत भजनोंपदेशक भाई संदीप जो उत्तर प्रदेश के ही मेरठ से आए है उन्होंने अपने मधुर भजनों से महर्षि दयानंद के जीवन से लेकर अंत तक उनके द्वारा लिखित पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश के बारे में प्रकाश डाला उनके द्वारा प्रस्तुत गीत धन्य धन्य ऋषिवर तेरा जवाब नहीं पर उपस्थित श्रोतागण झूम उठे तथा करतल ध्वनि से पंडाल गूंजायमान हो उठा श्री संदीप ने कहा कि मूर्ख के एक सरदार ने कहा कि आज हम दयानंद सरस्वती को अपने जाल में फंसा लेंगे और उनसे एक प्रश्न किया कि आप विद्वान है अथवा आविद्वान इस पर महर्षि दयानंद सरस्वती ने मुस्कुराते हुए कहा की वेद उपनिषद व्याख्यान आदि पर चर्चा करने वालों के साथ में विद्वान हूं परंतु रसायन , चिकित्सा आदि पर चर्चा करने वालों के बीच में आविद्वान हूं । कुछ लोगों ने पूछा महर्षि देश आजाद होने के उपरांत देश का नेता प्रधान सेवक कैसा होना चाहिए अगर किसी धनवान को बना दिया जाए तो इस पर महर्षि ने कहा कि धनवान तो एक से एक पड़े हैं आप किसी धनवान को बनाएंगे तो कल उससे अधिक धनवान उसकी जगह पर आ जाएगा आप किसी बलवान को बनाएंगे तो कल उसकी जगह पर कोई और बड़ा बलवान आ जाएगा परंतु आप अगर एक चरित्रवान को बनाएंगे तो देश का भला होगा । उन्होंने कहा कि अगर एक चरित्रवान होगा तो बलवान धनवान यह सब अगर किसी से डरेंगे तो वह सिर्फ चरित्रवान व्यक्ति से ही डरेंगे आर्मी कहा कि आर्य ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले माताएं बहने करवा चौथ का व्रत थी जो चांद देख कर अपने व्रत को पूर्ण कर सकती हैं परंतु व्रत रखने से अगर किसी की आयु लंबी होती तो इस पृथ्वी पर अधिक से अधिक लोग अमर हो जाते व्रत इसलिए रखा जाता है क्योंकि हमारे शरीर में जो खान-पान की अधिकता हो जाती है उसको अगर हम सप्ताह में माह में एक दिन व्रत रखते हैं अथवा हल्के भोजन का उपयोग करते हैं तो हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा व्रत की परंपरा यहां से शुरू की गई है संदीप आर्य जी ने कहा कि नारी शिक्षा का अधिकार श्री दयानंद सरस्वती जी की देन है । इसके उपरांत आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री वैदिक प्रवक्ता आगरा उत्तर प्रदेश से पधारे उन्होंने शिक्षक और ब्राह्मण मिलकर भारत को विश्व गुरु कैसे बनाएं ब्राह्मण समाज अपना उच्च गौरव कैसे प्राप्त कर सकता है इस पर अपने विचार प्रस्तुत किया जो उपस्थित सभी लोगों ने सराहा। मंच पर उपस्थित आर्य समाज के प्रधान सत्य प्रकाश आर्य मंत्री शैलेंद्र आर्य डीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य इंद्रपाल सिंह श्री दयानंद बाल विद्या मंदिर के प्रबंधक संजय प्रजापति शास्त्री शिक्षा निकेतन विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमती निर्मला सिंह महर्षि दयानंद बाल विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य आरती गुप्ता डीएवी इंटर कॉलेज के अध्यापक संजय मौर्य दीपक त्रिपाठी धर्मेंद्र गुप्ता साहित्य विद्यालय के सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं अध्यापक अध्यापिकाएं मौजूद रहे ।
