लखनऊ : सब्जियों का देश में सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र बना उत्तर प्रदेश , प्रत्येक वर्ष बढ़ रही इनकी खेती वा उत्पादन
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लखनऊ : सब्जियों का देश में सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र बना उत्तर प्रदेश , प्रत्येक वर्ष बढ़ रही इनकी खेती वा उत्पादन
हाईब्रिड सब्जियां बदल रहीं किसानों की तकदीर
जटाशंकर सिंह
लखनऊ ( युगनव टाइम्स लाइव ) सब्जी किसान परंपरागत बीजों से खेती छोड़ हाईब्रिड बीज अपनाकर प्रदेश के किसान देश में सब्जियों की खेती में नए कीर्तिमान गढ़ने जा रहे हैं। बंपर उत्पादन से होने वाले भारी लाभ के कारण प्रदेश के हजारों गांवों में हाईब्रिड सब्जियों की खेती का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। इससे न सिर्फ प्रदेश की खेती की तस्वीर बदल रही है, बल्कि किसानों की तकदीर भी बदल रही है।
डेढ़ दशक में देश में हाइब्रिड सब्जियों की पैदावार में प्रदेश का हिस्सा नौ फीसदी से बढ़कर करीब 16•35 फीसदी पर पहुंच गया है। वर्ष 2010-011से 2021-022 के बीच सब्जियों की पैदावार 98•62 लाख टन से बढ़कर 187•17 लाख टन पर पहुंच चुकी है। इसी प्रकार से हाईब्रिड बीजों का कारोबार भी तीन हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा हाईब्रिड टमाटर का रकबा बढ़ा है।
इनकी खेती पर ज्यादा जोर
हरी मिर्च, शिमला मिर्च, अचारी मिर्च, तरोई, लौकी, कद्दू, करेला, टमाटर, लहसुन, फूल गोभी, पत्ता गोभी, भिण्डी, बैंगन, गाजर, लोबिया, बीन्स, परवल, खीरा, पालक, चुकन्दर।
236 टन सब्जियों का निर्यात
पिछले वर्ष 31 जुलाई तक लखनऊ पैक हाउस से 128 टन सब्जियां विदेशों में भेजी गई जबकि सहारनपुर पैक हाउस से 108 टन सब्जियां भेजी जा चुकी हैं।
कहां और किसका निर्यात
दुबई, दोहा, कुवैत तथा ओमान। इसके अलावा यूके, इटली, जर्मनी व रोम। इन देशों में भिंडी, करेला, लौकी, बैगन, मटर, गोभी व हरी मिर्च भेजी जाती है।
यूपी में हाईब्रिड खेती के लिए सरकार ने बढ़ाया हाथ
उत्तर प्रदेश में हरी मिर्च, मटर, टमाटर, भिंडी, खीरा, लौकी, फूल एवं पत्ता गोभी, पालक, बैगन, करैला, लोबिया तथा गाजर का रकबा और उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है।
प्रदेश में सब्जियों में सबसे अधिक हाईब्रिड टमाटर का रकबा बढ़ा है। वर्ष 2014-15 में टमाटर का रकबा 6•4 लाख हेक्टेयर था, जो वर्ष 2021-22 में बढ़कर 9•7 लाख हेक्टेयर हो गया। प्रदेश में हाईब्रिड सब्जियों की खेती का विस्तार हो इसके लिए सरकार भी काफी सहयोग कर रही है। उद्देश्य यही है कि प्रदेश सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में देश में न सिर्फ अग्रणी राज्य बन जाए, बल्कि यहां के किसानों की आर्थिक हालत भी बेहतर हो। लिहाजा योगी सरकार ने प्रदेश मे एक बहुउद्देश्यीय योजना शुरू की है, जिसके तहत किसान अपने खेत में सरकारी सहायता से मिले सारे निवेशों का इस्तेमाल कर सब्जियों का उत्पादन करते हैं।
किसानों को मुफ्त में बेहतर क्वालिटी की सब्जियों के हाईब्रिड बीज दिए जाते हैं साथ ही समय-समय पर विशेषज्ञों की देखरेख में अन्य इनपुट भी मुहैया कराए जाते हैं। हार्वेस्टिंग का समय सरकार किसानों को प्लास्टिक के कैरेट देकर उनके उत्पाद बिकवाने में भी सहयोग करती है।
वैज्ञानिक खेती के प्रशिक्षण की भी है योजना
उत्तम बरायटी की सब्जियों का उत्पादन हो इसके लिए किसानों को बाकायदा आधुनिक ट्रेनिंग देने की भी राज्य सरकार की योजना है। वहीं उत्पादन से लेकर पैंकिंग तक अन्तर्राष्ट्रीय मानकों का पालन हो इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण देकर हर स्तर पर निगरानी की जायेगी। राज्य सरकार की तरफ से मण्डी परिषद, उद्यान विभाग व उत्तर प्रदेश औद्यानिक विपणन संघ(हांफेड) इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाना जबकि केन्द्र सरकार के तरफ की जिम्मेदारी एपीडा (एग्रीकल्चर एण्ड प्रोसेस फूड एक्सपोर्ट डेवेलपमेंट अथारिटी) को सौंपा गया है। इस बहुउद्देश्यीय कार्ययोजना के क्रियान्वयन में होने वाले खर्च को मंडी परिषद व ए पी डा समान रूप से वाहन करेगें।
