गोण्डा ( युगनव टाइम्स लाइव ) जनपद में बैठे आला अधिकारियों ने जनपद में हुए फर्जी बैनामो के खेल को बेनकाब करने के लिए टीम बनाई है। मिशन एंटी भू-माफिया के तहत यह टीम कई जालसाजों को कारागार भी भेज चुकी है। टीम की सक्रियता के चलते पूरे जनपद में लगातार कूट रचित दस्तावेजों के बल पर बैनामा कराने के मामले सामने आ रहे हैं। इन मामलों में संलिप्त भू-माफियाओं पर डीआईजी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का हंटर भी चल रहा है। मामला नवाबगंज सहकारी गन्ना समिति का है जहां के परिसर में स्थित लगभग ढाई बीघा जमीन का बैनामा भू-माफियाओं ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर करा लिया। जिसकी जानकारी होने पर गन्ना समिति के अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गये। इस मामले में जिला गन्ना अधिकारी ओ.पी.सिंह ने जिलाधिकारी उज्जवल कुमार और पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर को शिकायत पत्र देकर कारवाई की मांग की है। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी भू-माफिया टीम को कारवाई करने के निर्देश दिए हैं। नवाबगंज सहकारी गन्ना समिति का उद्घाटन 1951 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह ने किया था ताकि क्षेत्रीय गन्ना किसानों को लाभान्वित किया जा सके। गन्ना समिति के सचिव अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि गन्ना समिति कार्यालय के निर्माण के लिए अयोध्या के एक व्यापारी राजेश नरायन अग्रवाल से सन् 1951 में जमीन खरीदी गई थी। इस जमीन में एक गाटा संख्या 2255 की दाखिल-खारिज अभिलेखों में छूट गई थी। तहसील में भी आग लगने के कारण संबंधित दस्तावेज जल गये थे। उक्त गाटा संख्या को दर्ज कराने के लिये प्रकिया चल रही थी और वाद भी दायर किया गया था ।गन्ना सचिव अवधेश का आरोप है कि बीते 19 जनवरी को उक्त भूमि का बैनामा राज नरायन अग्रवाल के बेटे रूपेश अग्रवाल से भू-माफिया विनय कुमार पांडे पुत्र स्व राम ललक पांडे निवासी मोहल्ला शुगर मिल पूर्वी थाना नवाबगंज, अमित कुमार पुत्र श्याम चरन निवासी मोहल्ला शुगर मिल पश्चिमी और दिनेश कुमार गुप्ता पुत्र राजेंद्र प्रसाद गुप्ता निवासी मोहल्ला गोला बाजार थाना नवाबगंज द्वारा कूटरचित तरीके से करा लिया गया है। उक्त भूमि सन् 1951 से ही गन्ना समिति के कब्जे में है जिस पर स्टाफ क्वार्टर, मंदिर, कार्यालय और गोदाम भी बना हुआ है। फर्जी बैनामे की जानकारी होने पर गन्ना सचिव और जिला गन्ना अधिकारी ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।